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तुम सब अल्लाह के बंदे हो।

तुम सब अल्लाह के बंदे हो।

ह़ज़रत अबू हुरैरा रद़ियल्लाहु अ़न्हु कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: "तुम में से कोई व्यक्ति अपने (ग़ुलाम या नौकर और नौकरानी) को "मेरा बंदा और मेरी बंदी " ना कहे। तुम सब अल्लाह के बंदे हो और तुम्हारी सभी औरतें अल्लाह कि बंदियाँ हैं। बल्कि यूँ:"मेरा गुलाम (खादिम), मेरी खादिमा, मेरा लड़का (या बेटा) और मेरी लड़की (या बेटी)।

तू (मेरे रास्ते में) खर्च कर मैं तुझ पर खर्च करूंगा।

तू (मेरे रास्ते में) खर्च कर मैं तुझ पर खर्च करूंगा।

ह़ज़रत अबू हुरैरा रद़ियल्लाहु अ़न्हु कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि अल्लाह ताआ़ला इरशाद फरमाता है:"ए आदम के बेटे! तू (मेरे रास्ते में) खर्च कर मैं तुझ पर खर्च करूंगा।

अल्लाह से (खैर और) आ़फियत (भलाई) मांगो।

अल्लाह से (खैर और) आ़फियत (भलाई) मांगो।

ह़ज़रत अ़ब्बास बिन अब्द अल मुत़्त़लिब कहते हैं कि मैंने (अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम से) कहा: ए अल्लाह के रसूल! मुझे कोई ऐसी चीज़ सिखाइये जिसे मैं अल्लाह से मांगता रहूँ। नबी सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने फ़रमाया: "अल्लाह से (खैर और) आ़फियत (भलाई) मांगो।" फिर कुछ दिन बाद मैं अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम के पास आया और मैंने कहा: "ए अल्लाह के रसूल! मुझे कोई ऐसी चीज़ सिखाइये जिसे मैं अल्लाह तआ़ला से मांगता रहा हूँ। "तो नबी सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया:"ए अ़ब्बास! ए अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम के चचा! दुनिया और आखिरत में (खैर और) आ़फियत (भलाई) मांगो।" 

ए अल्लाह मैं तुझसे हर वह भलाई मांगता हूँ जो तेरे नबी मुह़म्मद सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने मांगी

ए अल्लाह मैं तुझसे हर वह भलाई मांगता हूँ जो तेरे नबी मुह़म्मद सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने मांगी

ए अल्लाह मैं तुझसे हर वह भलाई मांगता हूँ जो तेरे नबी मुह़म्मद सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने मांगी

तुम में से कोई " हाय समय की ना मुरादी (या कम्बख्ती)" (जैसा शब्द) ना कहे।

तुम में से कोई " हाय समय की ना मुरादी (या कम्बख्ती)" (जैसा शब्द) ना कहे।

ह़ज़रत अबू हुरैरा रद़ियल्लाहु अ़न्हु बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि अल्लाह तआ़ला ने इरशाद फ़रमाया: " आदम का बेटा मुझे तकलीफ देता है कि वह कहता है: "हाय समय की ना मुरादी (या कम्बख्ती)! तुम में से कोई " हाय समय की ना मुरादी (या कम्बख्ती)" (जैसा शब्द) ना कहे। क्योंकि मैं ही समय (का मालिक) हूँ। (क्योंकि) मैं (ही) रात और दिन को पलटता हूँ और मैं जब चाहूंगा उन्हें खत्म कर दूंगा। "

यह ता़ऊन (या प्लेग Plague) एक अ़ज़ाब है जो तुमसे पहले के लोगों पर भेजा गया था।

यह ता़ऊन (या प्लेग Plague) एक अ़ज़ाब है जो तुमसे पहले के लोगों पर भेजा गया था।

ह़ज़रत उसामा रद़ियल्लाहु अ़न्हु बयान करते हैं: अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: यह ता़ऊन (या प्लेग Plague) एक अ़ज़ाब है जो तुमसे पहले के लोगों पर भेजा गया था। (या यह फ़रमाया) बनी इस्राइल पर भेजा गया था। अगर यह किसी जगह हो तो तुम उससे से भागकर वहाँ से (कहीं ओर) मत जाना और अगर किसी दूसरी जगह में हो तो वहाँ मत जाना।

दो लानत के कामों (यानी जिनकी वजह से लोग तुम पर लानत करें उन) से बचें।

दो लानत के कामों (यानी जिनकी वजह से लोग तुम पर लानत करें उन) से बचें।

ह़ज़रत अबुहुरैराह रद़ियल्लाहु अ़न्हु बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: "दो लानत के कामों (यानी जिनकी वजह से लोग तुम पर लानत करें उन) से बचो। सह़ाबा ए किराम ने पूछा: लानत का सबब बनने वाले वे दो काम कोन से हैं? नबी सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: लोगों के रास्ते और साए में पाखाना- पैशाब करना।

वापस जाओ और खूब अच्छी तरह अपना वुज़ू करो।

वापस जाओ और खूब अच्छी तरह अपना वुज़ू करो।

ह़ज़रत उ़मर बिन खत़्त़ाब बयान करते हैं: एक व्यक्ति ने वुज़ू किया तो अपने पांव पर एक नाखून जितनी जगह छोड़ दी। नबी ए करीम सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने उसको देख लिया और फ़रमाया: "वापस जाओ और खूब अच्छी तरह अपना वुज़ू करो।" वह वापस गया और (अच्छी तरह से वुज़ू करके फिर) नमाज पढ़ी।

तुम अपने वारिसों को अपने बाद मालदार छोड़ कर जाओ तो यह उस से बेहतर है कि उन्हें मोहताज छोड़ कर जाओ कि फिर वे लोगों के सामने हाथ फैलाते फिरें।

तुम अपने वारिसों को अपने बाद मालदार छोड़ कर जाओ तो यह उस से बेहतर है कि उन्हें मोहताज छोड़ कर जाओ कि फिर वे लोगों के सामने हाथ फैलाते फिरें।

तुम अपने वारिसों को अपने बाद मालदार छोड़ कर जाओ तो यह उस से बेहतर है कि उन्हें मोहताज छोड़ कर जाओ कि फिर वे लोगों के सामने हाथ फैलाते फिरें।