ह़ज़रत अबुल उ़ला से रिवायत है कि ह़ज़रत उस्मान बिन अबु अल-आ़स रद़ियल्लाहु अ़न्हु नबी ए करीम सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम के पास आए और कहा कि ए अल्लाह के रसूल! शैतान मेरी नमाज़ में रुकावट बनता है और मुझे क़ुरआन भुला देता है। आप सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: "वह शैतान है जिसका का नाम खनज़ब है, जब तुम्हें उस शैतान का असर महसूस हो तो उससे अल्लाह की पनाह मांगो और (नमाज़ के अंदर ही) बाएं तरफ (दिल पर) तीन बार फूंक मारले।" ह़ज़रत उस्मान रद़ियल्लाहु अ़न्हु बयान करते हैं कि मैंने ऐसा ही किया तो अल्लाह ने मुझ से उस शैतान को दूर कर दिया।