जो ह़दीस़ें बैठक के अदब को बयान करने के लिए आई हैं वे अल्लाह के उस फ़रमान की तफ़सी़ल व बयान हैं जो सूरह अल मुजादलह में है, जिसका मतलब यह है : ऐ ईमान वालों! जब तुम से मजलिसों (बैठकों व सभाओं) में जगह देने के लिए कहा जाए, तो जगह दो, और जब तुम से कहा जाए उठ खड़े हो, तो उठ खड़े हो, अल्लाह तुम्हारे ईमान वालों के और उनके जिनको इ़ल्म (ज्ञान) दिया गया दर्जे बलन्द फ़रमाएगा फ़रमाएगा और अल्लाह को तुम्हारे कामों की ख़बर है।