पैगंबर मुह़म्मद (सल्लल्ललाहु अलैहि व सल्लम ) विशिष्ट और असाधारण नागरिय नियोजन के निर्माता हैं

पैगंबर मुह़म्मद (सल्लल्ललाहु अलैहि व सल्लम ) ने  एक बंजर रेगिस्तान में जो एक अनूठी और अद्भुत  सांस्कृतिक प्रणाली का निर्माण किया जो पहले किसी ने कभी नहीं देखा थी। और यह योजना की सटीकता व महानता और आकर्षक व सुंदर रूप से राज्य और समाज के हितों का ध्यान रखने में सबसे अलग और निराली थी।

अतः मस्जिद राजधानी केंद्र  तथा नियंत्रण और कमान केंद्र थी।

और यही मस्जिद महत्वपूर्ण घटनाओं और आपात स्थितियों के दौरान शहर और लोगों के लिए सम्मेलन केंद्र थी।

और यह केंद्र (मस्जिद) ग़रीबों और ज़रूरतमंदों के लिए शरण था, जहां राज्य और धर्मार्थ निकायें उन्हें भोजन, कपड़े और घर प्रदान करते हैं।

इसके अलावा यह उन अजनबियों के लिए भी शरण था जो राज्य के बाहर से आते थे, तो वे भी यहीं रहते और यहीं भोजन करते थे।

और यह नागरिय नियोजन जिसका पैगंबर मुह़म्मद (सल्लल्ललाहु अलैहि व सल्लम ) ने अपनी राजधानी में निर्माण किया, मस्जिद के पास की बाज़ार वालों और उसके घर वालों पर आधारित थी ताकि वे नियंत्रण और कमान केंद्र से तथा  आपस में एक दुसरे से जल्दी  संपर्क कर सकें।

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