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इस्लाम में औरतों के अधिकार

इस्लाम में औरतों के अधिकार

इस्लाम में औरतों के अधिकारः इस पुस्तक में इस्लाम में औरतों के अधिकारों का वर्णन और उसके प्रति व्यक्त किए जाने वाले संदेहों का निराकरण किया गया है, इसके प्रथम भाग में इस्लाम में औरतों के धार्मक, आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, क़ानूनी और राजनीतिक अधिकारों पर बात की गई है, जबकि दूसरे भाग में इस्लाम में औरतों के अधिकार संबंधित 25 प्रश्नों के उत्तर प्रस्तुत किए गए हैं।
यह इ-बुक हिन्दी बलागर उमर केरानवी साहब का सुप्रयास है।

नमाज़े नबवी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम

नमाज़े नबवी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम

नमाज़े नबवी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लमः प्रस्तुत पुस्तक नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की नमाज़ के तरीक़े के विषय में सर्वश्रेष्ठ किताबों में से एक है, जिसमें पवित्रता के अहकाम व मसायल, वुज़ू व गुस्ल का तरीक़ा, अज़ान व इक़ामत के नियम, नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की नमाज का संपूर्ण तरीक़ा, और सभी प्रकार के सुनन व नवाफिल नमाज़ों के अहकाम का उल्लेख किया गया है।

ख़ालिस इन्सानी अधिकार

ख़ालिस इन्सानी अधिकार

इस्लाम इन्सान की हैसियत से इन्सान के कुछ हक़ और अधिकार मुक़र्रर करता है। दूसरे शब्दों में इसका मतलब यह है कि हर इन्सान चाहे, वह हमारे अपने देश और वतन का हो या किसी दूसरे देश और वतन का, हमारी क़ौम का हो या किसी दूसरी क़ौम का, मुसलमान हो या ग़ैर-मुस्लिम, किसी जंगल का रहने वाला हो या किसी रेगिस्तान में पाया जाता हो, बहरहाल सिर्फ़ इन्सान होने की हैसियत से उसके कुछ हक़ और अधिकार हैं जिनको एक मुसलमान लाज़िमी तौर पर अदा करेगा और उसका फ़र्ज़ है कि वह उन्हें अदा करे।

इस्लाम धर्म के मूल सिद्धांत

इस्लाम धर्म के मूल सिद्धांत

इस्लाम एक परिपूर्ण व्यापक धर्म है जो जीवन के सभी छेत्रों को सम्मिलित है। इस्लाम के अनुयायी का अपने उत्पत्तिकर्ता के साथ किस तरह का संबंध होना चाहिए तथा जिस समाज में वह जीवन यापन कर रहा है उसके विभिन्न सदस्यों के साथ उसका संबंध कैसा होना चाहिए, दोनों पक्षों को इस्लाम ने स्पष्ट किया है। इस पुस्तिका में यह उल्लेख किया गया है कि सर्व जगत के पालनहार के प्रति निष्ट होने के छेत्र क्या हैं, उसकी आराधना और उपासना किस प्रकार तथा उसके नियम क्या हैं। जिन्हें ईमान और इस्लाम के अर्कान यानी मूल आधार और सिद्धांत के नाम से जाना जाता है।

इस्लाम धर्म की विशिष्टतायें

इस्लाम धर्म की विशिष्टतायें

इस्लाम ही वह एकमात्र सच्चा धर्म है, जिसे अल्लाह तआला ने सर्व मानव जाति के लिए पसंद कर लिया है। अतः वह किसी भी व्यक्ति से इस्लाम के सिवा कोई दूसरा धर्म कदापि स्वीकार नहीं करेगा। इस्लाम मानव के सौभाग्य और सफलता का धर्म है, तथा वही वह धर्म है जिसने मनुष्य के व्यक्तिगत, या पारिवारिक, या सामुदायिक या सर्व मानव जाति से संबंधित मामलों में ऐसे सूक्ष्म आचार और उचित ढंग, तौर-तरीक़े सिखाये हैं जिन से उसका जीवन सुलभ हो सकता है, उसकी खुशी संपन्न हो सकती है और उसको सच्चा सौभाग्य प्राप्त हो सकता है। इस पुस्तक में इस्लाम के उन्हीं कुछ गुणों और विशेषताओं का उल्लेख किया गया है।

मात्र एक संदेश!

मात्र एक संदेश!

इस पुस्तिका में अल्लाह की तौहीद (एकेश्वरवाद) के उस संयुक्त संदेश का उल्लेख किया गया है जिस के साथ आदम –अलैहिस्सलाम- से लेकर मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- तक सभी ईश्दूत और सन्देष्टा भेजे गये। तथा आज यहूदियों और ईसाईयों के हाथों में मौजूद बाइबल (ओल्ड टैस्टामेंट एंव नया टैस्टामेंट) के हवालों से अल्लाह के एकेश्वरवाद को प्रमाण-सिद्ध किया गया है।

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और भारतीय धर्म ग्रन्थ

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और भारतीय धर्म ग्रन्थ

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के आगमन की पूर्व सूचना हमें बाइबल, तौरेत और अन्य धर्म ग्रन्थों में मिलती है, यहाँ तक कि भारतीय धर्मग्रम्थों में भी आप के आने की भविष्यवाणियाँ मिलती हैं। हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म की पुस्तकों में इस प्रकार की पूर्व-सूचनाएँ मिलती हैं। इस पुस्तिका में सब को अकत्र करके पेश करने का प्रयास किया गया है। और यह सिद्ध किया गया है कि जिस नराशंस या कल्कि अवतार के आगमन का उनके धर्मग्रन्थों में उल्लेख हुआ है और उसकी जो विशेषतायें वर्णित हुई हैं, वह इस्लाम के पैग़म्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ही हैं। इसलिए जीवन की सुगम, सार्थक, सफल और फलदाई यात्रा के लिए अल्लाह के अन्तिम पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के द्वारा पेश की गई शिक्षाओं को अपनाया जाए और उनके बताये हुए मार्ग पर चला जाए।

ग़लतफ़हमियों का निवारण (इस्लाम के बारे में ग़ैर मुस्लिमों के सामान्य प्रश्नों के उत्तर)

ग़लतफ़हमियों का निवारण (इस्लाम के बारे में ग़ैर मुस्लिमों के सामान्य प्रश्नों के उत्तर)

इस पुस्तक में इस्लाम से संबंधित ग़ैर-मुस्लिमों के द्वारा पूछे जाने वाले 20 सामान्य प्रश्नों के प्रमाणों और तर्क के साथ उत्तर दिये गये हैं। यदि एक मुसलमान इन प्रश्नों के उत्तर अच्छी तरह समझ ले और इन्हें अपने दिमाग में बिठा ले, तो वह ग़ैर-मुस्लिमों के मस्तिष्कि में इस्लाम के संबंध में पाई जाने वाली ग़लतफ़हमियों को दूर करने और इस्लाम के प्रति उनके नकारात्मक सोच को बदलने में सफल रहेगा।

इस्लाम एक दृष्टि में

इस्लाम एक दृष्टि में

इस्लाम क्या है? उसकी वास्तविकता और उसका उद्देश्य क्या है? उसके मूल तत्व और उसकी मौलिक शिक्षाएँ क्या हैं? मानव को वह कौन सा दृष्टिकोण देता, किस चरित्र और आचरण पर उभारता और किस प्रकार का जीवन गुज़ारने का निर्देश देता है? यह पुस्तक इन्हीं बिन्दुओं को सामने रख कर लिखी गई है और यह प्रयास किया गया है कि जो लोग मुसलमान होने के उपरांत भी शुद्ध रूप् से इस्लाम की वास्तविकता को नहीं जानते, वे इस पुस्तक के अध्ययन से मौलिक और आवश्यक सीमा तक, इस्लाम की वास्तविक रूप-रेखा को जान लें। विशष्टि रूप से इस्लाम में उपासन के व्यापक और विस्तृत अर्थ का खुलासा किया गया है, जो कि केवल वैयक्तिक जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तव में जीवन के सभी अंशों और पक्षों को सम्मिलित है, चाहे वह आध्यात्मिक हो, या नैतिक, पारिवारिक हो या सामाजिक, राजनैतिक हो या आर्थिक।

इस्लाम का संदेश

इस्लाम का संदेश

इस्लाम ही एकमात्र धर्म है जिसे अल्लाह तआला ने सर्व मानवजाति के लिए चयन किया है, जिसके अतिरिक्त कोई अन्य धर्म अल्लाह के निकट मान्य नहीं है। तथा इस्लाम ही एकमात्र धर्म है जो हमारी आज की दुनिया की समस्त समस्याओं का समाधान पेश करता है और उसके निर्देशों का पालन करके और उन्हें व्यवहार में लाकर मानवता समस्यारहित जीवन का अनुभव कर सकती है। इस पुस्तक में इस्लाम के अनन्त संदेश, उसकी विशेषताओं और गुणों, तथा जीवन के सभी छेत्रों में उसकी शिक्षाओं, मार्गदर्शनों और निर्देशों का उल्लेख किया गया है।

नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की नमाज़ के तरीक़ा का सारांश

नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की नमाज़ के तरीक़ा का सारांश

इस पुस्तक में, प्रमणित हदीसों की रोश में तकबीर कहने से लेकर सलाम फेरने तक नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के नमाज़ पढ़ने का तरीक़ा़ संछिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है।

इस्लाम आपका जन्माधिकार है

इस्लाम आपका जन्माधिकार है

इस्लाम आपका जन्माधिकार हैः इस्लाम ही वह अंतिम धर्म है जिसे अल्लाह सर्वशक्तिमान ने मानवता के लिए चयन किया है,जिसको स्वीकारना प्रत्येक मनुष्य पर अनिवार्य है और उसी के मार्न पर चलकर ही मनुष्य को मोक्ष, कल्याण, सफलता और वास्तविक सौभाग्य... प्राप्त हो सकता है। ऐसा क्यों है, इसके कारण क्या हैं ? और इस्लाम ही एकमात्र विकल्प क्यों ? इन सब तत्वों की जानकारी के लिए यह पुस्तिका सत्य के खोजी के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती है।